तिथि और शुभ मुहूर्त: तिथि और शुभ मुहूर्त की पुष्टि शेष है — हम इसे तभी दिखाएँगे जब पंचांग से मिलान करके स्रोत दर्ज हो जाए। तब तक अपने पंडित या स्थानीय पंचांग पर भरोसा करें।
नीचे सामान्य तैयारी और आम तौर पर लगने वाली सामग्री दी गई है। हर परिवार, क्षेत्र और परंपरा में विधि अलग हो सकती है, इसलिए इसे अपने घर की परंपरा के अनुसार बदल लीजिए।
घर की तैयारी
घर और पूजा स्थान की साफ़-सफ़ाई
मुख्य द्वार पर रंगोली और तोरण की सजावट
दीयों और बातियों की व्यवस्था
बिजली की लड़ियों और लाइटिंग की जाँच
पूजा सामग्री (आम तौर पर)
लक्ष्मी और गणेश जी की मूर्ति या चित्र
दीये, रुई की बातियाँ, घी या तेल
रोली, कुमकुम, हल्दी, अक्षत (चावल) और मौली
फूल और फूलों की माला
धूप, अगरबत्ती और कपूर
कलश, नारियल और आम के पत्ते
सुपारी, पान और सिक्के
प्रसाद के लिए मिठाई, फल, खील और बताशे
परिवार के लिए
पूजा में बैठने की व्यवस्था और आसन
बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित दीप-स्थान
पटाखों से जुड़े स्थानीय नियम और सुरक्षा का ध्यान
पड़ोसियों और रिश्तेदारों को शुभकामना संदेश
यह सूची सामान्य जानकारी है, धार्मिक निर्देश नहीं। विशेष विधि के लिए अपने पंडित से पूछिए।